Wednesday, February 3, 2016

Painting of Lord Vishnu


माता च कमला देवी पिता देवो जनार्दनः। बान्धवा विष्णुभक्ताश्च स्वदेशो भुवनत्रयम्।।

Hindi Tramsaltion

मेरी माता श्रीलक्ष्मीजी हैं, पिता श्रीहरि-विष्णु भगवान हैं, बन्धुजन भगवद्भक्त हैं और सम्पूर्ण त्रिभुवन मेरा अपना स्वदेश है।।

इस भावना से हम सब श्रीमन्नारायण के श्रीचरणों का सादर वंदन करते हैं।। जय श्रीहरि!

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